आखिर क्यों बसंत पंचमी के दिन  क्यों पीले रंग को शुभ माना गया हैं ?

आखिर क्यों बसंत पंचमी के दिन क्यों पीले रंग को शुभ माना गया हैं ?

वंसत ऋतु में मौसम एकदम सुहाना हो जाता है और इसी में वसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है, इस मौसम में सर्दी कम हो जाती हैं और पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं. इस मौसम में सबसे ज्यादा उत्सव मनाए जाते हैं. पुराणों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था और इस वजह से इस दिन उनकी पूजा की जाती है। 

ऐसा माना जाता है कि इस दिन वसंत पंचमी में पीले रंग का कपडा पहनना बहुत ही शुभ होता हैं और यह रंग शुद्ध और सात्विक प्रवृत्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग मां सरस्‍वती को पीले रंग के फूल और वस्‍त्र चढ़ाते हैं। आइये जानते हैं कि वसंत पंचमी के दिन पीला रंग पहनना क्‍यों शुभ माना जाता है। 

इस द‍िन सूर्य उत्तरायण होता है, जो यह संदेश देता है कि हमें सूर्य की तरह गंभीर और प्रखर बनना चाहिए। इस दिन से धरती सरसों की फसल की वजह पूरी तरह से पीली नजर आने लगती है। इस दौरान पेड़ पौधों में नई पत्‍तियां आने लगती हैं, ठंड जाने लगती है और मौसम सुहावना होने लगता है। इसे ध्यान में रखकर इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनकर वसंत पंचमी का स्वागत करते हैं। यही कारण है वसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा गया है। 

वसंत पंचमी के दिन लोग न केवल पीले कपड़े पहनते हैं बल्‍कि खाने में भी पीले रंग की चीजें बनाते हैं। मां सरस्‍वती को भी पीले रंग का भोग लगाया जाता है। माना जाता है कि पीला रंग इंसान के अंदर ऊर्जा पैदा करता है और उसे खुशी तथा उमंग प्रदान करता है।

बता दें कि पुरातनकाल में बच्चों की शिक्षा बसंत पंचमी के दिन से ही आरंभ की जाती थी। इस दिन बच्‍चों को मां सरस्वती की आराधना करनी चाहिये। सुबह स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र धारण करने चाहिये और मां सरस्वती को पीले और सफेद पुष्प जरूर अर्पित करना चाहिये।