जानिए उस कथा को आखिर क्यों रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा के पति को क्यों मारा था


जानिए उस कथा को आखिर क्यों रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा के पति को क्यों मारा था

रामायण हिन्दू धर्म का सबसे पुराने ग्रंथों में से एक हैं], इसमें कई ऐसी घटनाएं घटी जिसका जिक्र हर जगह नहीं हुआ हैं. ऐसी ही एक कथा है जिसका हम आपको बताने जा रहे हैं. रावण , कुंभकरण विभीषण और शूर्पणखा ये चारो सगे भाई - बहन थे.सभी का विवाह हुआ शूर्पणखा का विवाह कालकेय जाती के राक्षस विधुज्जिह से हुआ था जो की पटेल में निवास करता था. रावण विश्रवा ऋषि का पुत्र थे लेकिन उसने अपने ब्राह्मण पिता का नही माता कैकसी के कुल राक्षस वंश के गुणों का आश्रय लिया था.

लंका पर उसके राज्याभिषेक होते ही उसने त्रिलोकी जितने का प्राण किया इस बाबत वो सभी लोगो में युद्ध के लिए विचरने लगा. उसी समय वो पाताल में गया और वँहा कालकेय राक्षसों से संग्राम में अपने बहनोई को मार डाला. पाताल विजय कर जब वो लंका पहुंच तो पीछे शूर्पणखा भी आ पहुंची और विलाप करने लगी.

जब रावण ने उसका कारण पूछा तो शूर्पणखा ने कहा की आपने खुद ही मुझे विधवा कर दिया और अब मेरे विलाप के विषय में पूछ रहे है. तब रावण ने उसे कहा की मैंने जान बुझ कर उसे नही मारा में युद्ध के नशे में था और उस समय मुझे इस बात का ध्यान न रहा की सामने बहनोई है या कोई राक्षस. तब रावण ने शूर्पणखा को खर दूषण भाइयो के साथ 14000 राक्षस दिए और जनस्थान में उसके लिए रहने की व्यवस्था करि जंहा वो आसानी से नर भक्षण कर अपना जीवन आनंद से गुजारे.