श्रीकृष्ण को गीता का ज्ञान देने वाले उनके गुरु को आखिर किसने दिया था श्राप ?


श्रीकृष्ण को गीता का ज्ञान देने वाले उनके गुरु को आखिर किसने दिया था श्राप ?

महाभारत की कई कहानियां आपने सुनी होगी लेकिन कुछ ऐसी कहानियां होती है जो शायद ही कहीं सुनाई देगी पंरतु आज हम आपको ऐसी कहानी बताने जा रहे है जो शायद सुनी नहीं होगी। आप सब लोग जानते है कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान कहां से लिया था. आज हम आपको बताने जा रहे है कि श्रीकृष्ण के गुरु जिन्होंने उन्हें गीता का ज्ञान दिया था. कथा इस प्रकार है. 

ऋषि संदीपनी जी जब अपने गुरु के आश्रम में विद्या ग्रहण कर रहे थे| तब वे विद्या में इतने प्रवीण हो गए थे कि बिना किसी के कहे उसके मन के भाव पढ़ लेते थे| एक बार की बात है उनके गुरुदेव ध्यान लगाकर बैठे थे| तभी उनकी गुरु माता का नवजात शिशु जोर-जोर से रोने लगा| जिसकी वजह से उनके गुरुदेव के ध्यान में खलल पड़ रहा था| तभी उनके गुरुदेव के अंदर विचार आया कि वे इस शिशु को उठाकर आश्रम के कुएं में फेंक देंगे|

अपने गुरु के मस्तिष्क में उठते ऐसे विचारों को उन्होंने गुरु आज्ञा समझकर, अपनी गुरु माता के शिशु को ले जाकर आश्रम के कुएं में फेंक दिया| तभी वहां अन्य शिष्य और गुरुदेव भी आ गए| उनमें से एक शिष्य ने समय रहते शिशु को कुएं से बाहर निकाल लिया| परंतु गुरु माता ने उसी क्षण ऋषि सांदीपनि को पाषाण में परिवर्तित होने का श्राप दे दिया था!