महादेव का ऐसा मंदिर जिसमें मौजूद शिवलिंग के सिर से निरंतर जल प्रवाह होता रहता है

महादेव का ऐसा मंदिर जिसमें मौजूद शिवलिंग के सिर से निरंतर जल प्रवाह होता रहता है

भारत में कई शिव मंदिर मौजूद है पर भगवान शिव और माता पार्वती का मंदिर एकसाथ बहुत ही कम देखने को मिलते हैं, एक ऐसा ही प्राचीन मंदिर भारत के दक्षिण में तेलंगाना राजय के नलगोंडा जिले में स्थित हैं. इस मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि ये मंदिर काफी प्राचीन हैं. यह मंदिर दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक हैं.

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि निर्माण 12 वीं शताब्दी में काकतीय शासकों द्वारा किया गया था। मंदिर एक ऐसे क्षेत्र में भी स्थित है जहाँ कृष्णा और मुसी नदियाँ आपस में मिलती हैं। इससे मंदिर को धार्मिक महत्व मिलता है। इस मंदिर को दक्षिण भारत के सबसे शक्तिशाली मंदिरों में गिना जाता हैं. यह मंदिर ऐसे क्षेत्र में भी स्थित है जहाँ कृष्णा और मुसी नदियाँ आपस में मिलती हैं।  इसलिए इस मंदिर का धार्मिक महत्व ओर जयादा बढ़ जाता हैं। 

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है इस मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के सिर से निरंतर जल प्रवाह होता रहता हैं. ह दक्षिण भारत के सबसे शक्तिशाली मंदिरों में से एक है। अगर पानी का स्रोत हटा भी दिया जाए तो भी पानी का मूल स्तर बना रहता है। कहा जाता है कि मंदिर में सबसे पहले श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी और श्री मीनाक्षी अगस्तीश्वर की मूर्तियाँ स्थापित की गई थीं। तब स्थानीय शासकों ने उन्हें भगवान शिव की मूर्तियों से बदल दिया।

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में एक बार यहां के दर्शन कर लेता है तो उसके सारे पाप माफ़ हो जाते हैं. इस मंदिर में प्रति वर्ष लाखों लोग न दर्शन के लिए आते हैं. इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सबसे निकतम हवाई अड्डा हैदराबाद हैं.