आखिर किस भगवान को माना जाता हैं मैनेजमेंट का सबसे पहला गुरु, नाम जानकर चौंक जायेंगे आप

आखिर किस भगवान को माना जाता हैं मैनेजमेंट का सबसे पहला गुरु, नाम जानकर चौंक जायेंगे आप

भगवान कृष्ण सिर्फ भगवान ही नहीं बल्कि उन्हें मैनेजमेंट गुरु भी माना जाता है। आधुनिक युग में भी उनकी बताई रणनीतियां सार्थक है। वहीं व्यक्तित्व विकास के लिए श्रीकृष्ण की कई बातों को मन में उतारा जा सकता है। आइए, जानते हैं लाइफ मैनेजमेंट गुरु के तौर पर उनकी खास बातें- 

1.कृष्ण ने कभी भी अपनी छवि की चिंता नहीं की। उन्होंने व्यक्ति विशेष के कल्याण को सबसे ऊपर रखा साथ ही वे किसी बंधी-बंधाई लीक पर नहीं चले। परिस्थिति के अनुसार उन्होंने अपनी भूमिका बदली और अर्जुन के सारथी तक बने।

2.भगवान कृष्ण ने पांडवों का साथ हर मुश्किल वक्त में देकर यह साबित कर दिया था कि दोस्त वही अच्छे होते हैं, जो कठिन से कठिन परिस्थिति में आपका साथ देते हैं। दोस्ती में शर्तों के लिए कोई जगह नहीं है, इसलिए आपको भी ऐसे ही दोस्त अपने आस-पास रखने चाहिए जो हर मुश्किल परिस्थिति में आपका संबल बनें।

3.महाभारत के सबसे बड़े योद्धा अर्जुन ने न केवल अपने गुरु से सीख लिया बल्कि वह अपने अनुभवों से हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहे। यह सीख हर स्टूडेंट के लिए जरूरी है। स्टूडेंट को शिक्षक के अलावा अपनी गलतियों और असफलताओं से भी हमेशा सीखना चाहिए।

4. " किसी बात की चिंता न करें और खुश रहे " इस लाइफ मंत्र को कृष्ण ने ही सबसे पहले सिखाया। 'क्यों व्यर्थ चिंता करते हो? किससे व्यर्थ में डरते हो?'

5. कृष्ण  हमें यह भी सिखाते हैं कि मुसीबत के समय या सफलता न मिलने पर हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। इसकी बजाय हार की वजहों को जानकर आगे बढ़ना चाहिए। समस्याओं का सामना करें। एक बार डर को पार कर लिया तो फि‍र जीत आपके कदमों में होगी।

6. मैनेजमेंट के सबसे बड़े गुरु हैं भगवान कृष्ण, उन्होंने अनुशासन के साथ जीने व्यर्थ चिंता न करने और भविष्य की बजाय वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने का मंत्र दिया।