हस्तरेखा- हाथों में राशि, ग्रह, शंख और चक्र का क्या महत्व हैं

हस्तरेखा- हाथों में राशि, ग्रह, शंख और चक्र का क्या महत्व हैं

अंगुलियों में राशियां 

1. पहली अंगुली तर्जनी का प्रथम पोर मेष, दूसरा वृषभ और तीसरा मिथुन राशि का होता है।
2. बीच की अंगुली का प्रथम पोर मकर, दूसरा पोर कुंभ और तीसरा पोर मीन राशि का माना जाता है।
3. तीसरी अंगुली अनामिका में प्रथम पोर कर्क, दूसरा पोर सिंह और तीसरा पोर कन्या राशि का माना जाता है।
4. चौथी अंगुली का प्रथम पोर तुला, दूसरा पोर वृश्चिक और तीसरा पोर धनु राशि का माना जाता है।

अंगुलियों के पोरों के शंख

जिस अंगुली के नीचे के पर्वत गहरे और स्पष्ट हैं, साथ ही अपनी जगह से हटे हुए या किसी अन्य पर्वत की ओर झुके हुए नहीं है तो माना जाता है कि उस अंगुली से संबंधित ग्रह भी मजबूत होता है। पर्वत में चक्र या शंख होता है। अंगुलियों के पोरों में भी चक्र या शंख होते हैं। एक अंगुली में शंख है तो उच्च शिक्षा प्राप्त कर उच्च पद पद पर आसीन होगा। दो है तो जीवन संघर्षपूर्ण होगा। तीन है तो लग्जरी लाइफ जिएंगे। चार है तो राजयोग या अपार धनयोग समझें और पांच है तो अत्यंत प्रतिभावान, ख्यातिप्राप्त होगा और समाज को बदलने वाला होगा। छह है तो वैज्ञानिक, उपदेशक, संत या अद्भुत मस्तिष्क क्षमता का धनी होगा। सात है तो गरीब या दुखी होगा। आठ है तो मेहनत के बल पर ऊंचाइयां छुएगा। नौ है तो महिलाओं के गुण होंगे और उसे महिलाओं का सहयोग खूब मिलेगा। दस है तो बहुत ही सम्माननीय व्यक्ति होगा। हथेली पर शंख है तो व्यक्ति देश-विदेश की यात्रा करेगा।

अंगुलियों के पोरों के चक्र

चक्र गोल पूर्ण घेरे से युक्त स्पष्ट अभंग होना चाहिए, नहीं तो टूटा हुआ चक्र व्यक्ति को अनेक मानसिक चिंताओं से ग्रस्त कर देता है। तर्जनी में चक्र होगा तो जातक अनेक मित्रों से युक्त होकर लोगों का नेतृत्व करेगा, महत्वाकांक्षी होने के साथ-साथ धन का भी लाभ होगा। मध्यमा में चक्र होगा तो जातक धनवान और धार्मिक प्रवृत्ति का होगा और उस पर शनि की कृपा रहेगी। हो सकता है कि वह उत्तम ज्योतिषी, तांत्रिक या मठाधीश हो।

अनामिका अंगुली पर चक्र होना भाग्यशाली होने की निशानी है। ऐसे जातक उत्तम व्यापारी, धनवान, उद्योग-धंधों में सफल, प्रतिष्ठित लेखक, यशस्वी, ऐश्वर्यवान, राजनीतिज्ञ, कुशल प्रशासनिक अधिकारी भी हो सकते हैं। सबसे छोटी अंगुली यानी कनिष्ठिका पर चक्र का होना सफल व्यापारी होने की निशानी होती है। ऐसे जातक सफल लेखक और प्रकाशक भी होते हैं व संपादन के क्षेत्र में भी सफलता पा सकते हैं।

यदि अंगूठे पोरे पर चक्र बना है तो जातक जीवन में कई उपलब्धियां प्राप्त करता है। वह जीवन में कई उल्लेखनीय कार्य भी करता है। ऐसा जातक भाग्यशाली व धनवान होता है। ऐसा जातक ऐश्वर्यवान, प्रभावशाली, दिमागी कार्य में निपुण, उत्तम गुणयुक्त, पिता का सहयोग व धन पाने वाला होता है।

हाथों के निशान

1. हथेली में सूर्य का निशान सूर्य के समान दिखाई देता है।
2. चंद्र का निशान चंद्र तारे की तरह नजर आता है।
3. शुभ मंगल का निशान चौकोर चतुर्भुज के समान होता है।
4. अशुभ मंगल का निशान त्रिकोण या त्रिभुज के रूप में होता है।
5. बुध का निशान गोलाकार समान होता है।
6. गुरु का निशान किसी ध्वज की तरह होता है।
7. शुक्र का निशान समांतर में बनी 2 लहराती हुई रेखाओं सा होता है।
8. शनि का निशान धनु के आकार का होता है।
9. राहु का निशान आड़ी-तिरछी रेखाओं से बना जाल सा होता है।
10. केतु का निशान लंबी रेखा के नीचे एक अर्द्धवृत सा होता है।