जानिए शनि के अशुभ होने के मुख्य लक्षण क्या हैं ?

जानिए शनि के अशुभ होने के मुख्य लक्षण क्या हैं ?

सभी ग्रहों में शनि को सबसे बड़ा माना गया हैं.शनि के नाराज़ होने का मतलब जीवन में मुश्किलों का आना. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिससे आपके जीवन में शनि भारी है यानी शनि के अशुभ  होने का लक्षण पता चल जायेगा। आइये जान ते है क्या है वो लक्षण 

शनि के अशुभ होने के प्रमुख लक्षण

  1. नशा करने का शौक लत बनने की ओर अग्रसर हो, व्यसन का रूप ग्रहण करे।
  2. सट्टे/ जुए का शौक आदत बन जाए।
  3. अशुभ शनि अवैध एवं अनैतिक संबंध की राह दिखाता है।
  4. जमीन, प्लाट, मकान के संबंध में समस्या एवं विवाद। 
  5. शाकाहारी व्यक्ति की मांसाहार की ओर प्रवृत्ति।
  6. भाइयों में बड़ा विवाद/ दुश्मनी।
  7. नौकरी-धंधे में किसी भी प्रकार का व्यवधान, नौकरी छूटना, अनचाही जगह पर तबादला, पदोन्नति में बाधाएँ, पदावनति तथा व्यापार-व्यवसाय में
  8. मंदी, घाटा, दिवाला निकलने की स्थिति, बेशुमार कर्ज, कर्ज अदायगी में चूकना आदि अशुभ शनि के लक्षण हैं।
  9. पूर्वजों के मकान में अथवा जहाँ एक लंबे अर्से से रह रहे हों, वहाँ यदि रुपया पैसा, गहने इत्यादि सुरक्षा की दृष्टि से रखते आ रहे हैं तथापि जहाँ अँधेरा रहता है, सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता है, ऐसे मकान, कमरे में मोखारा (वेंटीलेशन) से सूर्य का प्रकाश आना शनि के अशुभ प्रभाव में वृद्धि करता है। यह
  10. धन-संपत्ति के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो सकता है।
  11. दैनंदिनी कार्यों में आलस्य, टालमटोल, ढिलाई, सुस्ती, जिम्मेदारी से बचना, जवाबदारी के कार्यों में लापरवाही, स्वयं का लगातार छोटी-मोटी बीमारी से ग्रस्त रहना अथवा परिवार के किसी व्यक्ति का लंबी बीमारी से ग्रस्त रहना शनि का अनिष्ट प्रभाव है।
  12. शोक-संताप, विषाद, अपने आपके प्रति उदासीनता, अपने लोगों के प्रति कटुता, जुगुप्सा, सांसारिकता से मोह भंग, गृह त्याग का विचार, शनि के दुष्प्रभाव के लक्षण हैं।
  13. दक्षिणमुखी मकान अनिष्टकारक हो सकता है, इससे बचने का प्रयास करें।