आज है अंगारकी चतुर्थी , जाने इसका महत्व और पूजा का सामान

आज है अंगारकी चतुर्थी , जाने इसका महत्व और पूजा का सामान

हिन्दू धर्म में हर दिन महत्वपूर्ण माना गया है, ऐसे ही हिन्दू पंचांग के अनुसार हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश के लिए विनायकी चतुर्थी का व्रत किया जाता है। लेकिन इसमें माघ महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को बहुत ही ज्यादा महत्व दिया गया हैं. इसे वराद चतुर्थी या फ‍िर तिलकुंद चतुर्थी भी कहा जाता है। चूंक‍ि 28 जनवरी को मंगलवार है, इस वजह से इसे अंगारकी चतुर्थी का नाम द‍िया गया है। इस वजह से माघ गणेश चतुर्थी को गणपति पूजन के साथ मंगल ग्रह की पूजा भी फलदायी रहेगी। 

मंगल को मेष और वृश्‍च‍िक राशि का स्‍वामी ग्रह माना गया है। अंगारकी चतुर्थी पर मंगल यानी ग्रहों के सेनापति की पूजा अन‍िवार्य रूप से करनी चाह‍िए। इस द‍िन मंगल ग्रह को श‍िवल‍िंग के रूप में पूजा जाता है। पूजा के लिए श‍िवल‍िंग या मंगल ग्रह पर लाल रंग के फूल चढ़ाएं। साथ ही श‍िवल‍िंग की भात पूजा जरूर करें। इस पूजा में पके हुए चावल से श‍िवल‍िंग का श्रृंगार क‍िया जाता है। साथ ही ऊँ अं अंगारकाय नम: का भी जाप करें। 

माघी गणेश चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले ही स्नान कर लें। स्नान के बाद शुद्ध कपड़े धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान पर भगवान गणेश जी मूर्ति स्थापित करें। भगवान को सिंदूर, दूर्वा, फूल, चावल, फल, प्रसाद चढ़ाएं। धूप-दीप जलाएं। श्री गणेशाय नम: मंत्र का जाप करते हुए पूजा करें। गणेश जी को 11 या 21 लड्डुओं का भोग अवश्य लगाएं और आधे ब्राह्मण को दें। इस दिन गरीब लोगों को गर्म वस्त्र, कम्बल, कपडे़ आदि भी दान कर सकते हैं।