महाभारत के इस योद्धा ने इस मंदिर में रचाई थी शादी

महाभारत के इस योद्धा ने इस मंदिर में रचाई थी शादी

संकटमोचन हनुमान को कौन नहीं जानता, भक्तों के हर कष्ट को बस नाम लेने से ही हर लेते हैं प्रभु. राम भक्त हनुमान को महाबली माना गया है जो अजर-अमर हैं. हनुमान जी अपार बलशाली होने के साथ ही वीर साहसी, विद्वान, सेवाभावी, स्वामीभक्त, विनम्रता, कृतज्ञता, नेतृत्व और निर्णय क्षमता के धनी भी थे। हनुमान जी को भक्ति और शक्ति का बेजोड़ संगम माना गया है। वे अपनी निष्काम सेवाभक्ति के बलबूते ही पूजे जाते हैं। 

हनुमान जी का ये मंदिर काफी खास है यहां दूर - दूर से  लोग आते हैं. हनुमान जी की अनोखी प्रतिमा वाला ये मंदिर राजस्थान के अलवर हनुमानजी की अनोखी प्रतिमा वाला यह मंदिर राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है। अलवर जिला मुख्यालय से लगभग 55 किमी दूर सरिस्का अभयारण्य और अरावली की सुन्दर वादियों में स्थित इस मंदिर स्थान को पान्डुपोल के नाम से जाना जाता है। 

यह है इस मंदिर की कथा 

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि हनुमानजी की अनोखी प्रतिमा वाला यह मंदिर राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है। अलवर जिला मुख्यालय से लगभग 55 किमी दूर सरिस्का अभयारण्य और अरावली की सुन्दर वादियों में स्थित इस मंदिर स्थान को पान्डुपोल के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि पान्डुपोल वह प्राचीन स्थान है, जहां महाभारत के भीम ने विशाल दैत्य हिडिम्ब को हराकर उसकी बहन हिडिम्बा से विवाह किया था। पांडवों ने वनवास के दौरान यहां शरण ली थी.