जानिए इस अनोखे सूर्य मंदिर के बारे में जहां विराजता  है पूरा सूर्य परिवार

जानिए इस अनोखे सूर्य मंदिर के बारे में जहां विराजता है पूरा सूर्य परिवार

मध्य प्रदेश अपने अनेकों मंदिर की वजह से काफी फेमस हैं. इसलिए उसको मंदिरो का राज्य भी कहा जाता है. यहां एक ऐसा ही अनोखा मंदिर है जो कि मध्य प्रदेश राज्य के बैतूल में स्थित हैं. इसको सूर्य परिवार का मंदिर कहा जाता है. इस मंदिर में सूर्य भगवान के साथ साथ पुत्र शनि और पुत्री ताप्ती की भी पूजा होती है। ज्योतिष ग्रंथों में शनि और सूर्य और पास में शत्रु माना गया है। इसलिए देश में कुछ ही मंदिर ऐसे हैं जहां सूर्य और शनि दोनों की पूजा की जाती हैं।

बैतूल के खेड़ी में ताप्ती नदी के किनारे एक ऐसा मंदिर है जो सूर्य परिवार मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां भगवान सूर्य और उनके पुत्र शनि की प्रतिमाएं हैं। इनके साथ ही भाई-बहन यम और ताप्ती की प्रतिमा भी है। ताप्ती को सूर्य पुत्री कहा जाता है। इसका उल्लेख महाभारत के आदी पर्व, स्कंद और वायु पुराण में है। वहीं, शनि और यम, सूर्य के बेटे हैं। भगवान शनि और उनकी बहन ताप्ती देवी की यहां एक साथ उपासना होती है। इसलिए इसे भाई बहन के मंदिर का स्थान भी मिला है। 

बैतूल के ताप्ती नदी तट पर बने मंदिर में संपूर्ण सूर्य परिवार की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इसमें मंदिर शिखर पर मां ताप्ती के पिता सूर्यनारायण, गर्भगृह में देवी ताप्ती की प्रतिमा, सूर्यदेव की दोनों पत्नियां संध्या और छाया, यमदेव मंदिर परिसर में मां ताप्ती की भाई और सूर्यपुत्र शनिदेव तथा यमुना महारानी सहित संपूर्ण सूर्य परिवार की प्रतिमाएं स्थापित हैं। 

मंदिर के पुजारी अनुसार ज्योतिषीय संयोग यानी जब सूर्य और शनि का एक राशि में होते हैं। तब इस मंदिर में पूजा करने से ग्रहों की इस अशुभ युति का प्रभाव कम हो जाता है। इसके साथ ही सूर्य परिवार की पूजा करने से हर तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इस मंदिर पर खासतौर से मकर संक्रांति और कार्तिक माह के भाई-दूज पर्व पर विशेष पूजा और स्नान किया जाता है।