राधा -  कृष्ण की लीलाओं का गवाह है वृंदावन का ये मशहूर मंदिर


राधा - कृष्ण की लीलाओं का गवाह है वृंदावन का ये मशहूर मंदिर

मथुरा जिसका नाम मन में आते ही भगवान कृष्ण का ध्यान आ जाता हैं. मथुरा में ही श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाएं दिखाई थी. यही  उन्होंने गोपियों संग अथेलियाँ खेली थी. यही पर उन्हें माखन चोर और कन्हैया के नाम से पुकारा जाता हैं. यही पर मौजूद है प्रेम मंदिर 

मथुरा से कुछ दूरी पर वृंदावन में स्थित है प्रेम मंदिर । इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में करवाया गया है। बाहर से देखने में यह जितना भव्य लगता है, उतना ही अंदर से भी देखने में लगता है। यह मंदिर सफेद इटालियन संगमरमर से बनाया गया है। इसमें प्राचीन भारतीय शिल्पकला की झलक भी देखी जा सकती है।

मंदिर की बनावट

पूरे मंदिर की बाहरी दीवारों पर श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं को शिल्पकारों ने मूर्त रूप दिया गया है। ये मंदिर वृंदावन की एक अद्वितीय आध्यात्मिक संरचना है. इस मंदिर के ध्वज को मिलाकर इसकी ऊँचाई 125 फीट है जिसमे 190 फीट लम्बा और 128 फीट चौड़ा चबूतरा है. मंदिर के चबूतरे पर एक परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया गया है. जिसके द्वारा श्री कृष्ण राधा की लीलाओं के 48 स्तंभों की खूबसूरती का दृश्य देखा जा सकता है

जिनका निर्माण मंदिर की बाहरी दीवारों पर किया गया है. मंदिर की दीवारे 3.25 ft. मोटी है. मंदिर की गर्भ गृह की दीवार की मोटाई 8 ft है जिस पर एक विशाल शिखर, एक स्वर्ण कलश और एक ध्वज रखा गया है. मंदिर की बाहरी परिसर में 84 स्तंभ है जो श्री कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करते है जिनका उल्लेख श्रीमद भगवद में किया गया है.ये मंदिर वृंदावन की एक अद्वितीय आध्यात्मिक संरचना है.मंदिर में लगाये गये पैनल को श्रीमद् भगवत गीता से लिया गया है।

इस मंदिर के ध्वज को मिलाकर इसकी ऊँचाई 125 ft. है जिसमे 190 ft.लम्बा और 128 ft. चौड़ा चबूतरा है. मंदिर के चबूतरे पर एक परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया गया है. जिसके द्वारा श्री कृष्ण राधा की लीलाओं के 48 स्तंभों की खूबसूरती का दृश्य देखा जा सकता है जिनका निर्माण मंदिर की बाहरी दीवारों पर किया गया है. मंदिर की दीवारे 3.25 ft. मोटी है. मंदिर की गर्भ गृह की दीवार की मोटाई 8 ft है जिस पर एक विशाल शिखर, एक स्वर्ण कलश और एक ध्वज रखा गया है. मंदिर की बाहरी परिसर में 84 स्तंभ है जो श्री कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करते है जिनका उल्लेख श्रीमद भगवद में किया गया है

प्रेम मंदिर भारत के मथुरा, वृंदावन में एक हिंदू मंदिर है। यह जगद्गुरु कृपालु परिषद, एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी, शैक्षणिक, आध्यात्मिक, धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा बनाए रखा जाता है।परिसर वृंदावन के बाहरी इलाके में 54 एकड़ जमीन पर है, और भगवान राधा कृष्ण और सीता राम को समर्पित है। मंदिर की संरचना पांचवी जगद्गुरु, कृपालु महाराज द्वारा स्थापित की गई थी। श्रीकृष्ण और उनके अनुयायियों के आंकड़े भगवान के अस्तित्व के आस-पास महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाते हुए मुख्य मंदिर को कवर करते हैं