आखिर क्या तब भगवान श्रीकृष्‍ण की माताओं का राज , जानिए इस रहस्य को

आखिर क्या तब भगवान श्रीकृष्‍ण की माताओं का राज , जानिए इस रहस्य को

महाभारत के युद्ध में वो श्रीकृष्ण ही थे जिन्होंने युद्ध में होते हुए भी अस्त्र का प्रयोग नहीं किया था. उसी युद्ध में उन्होंने गीता के रूप में जो ज्ञान दिया हैं उसमें ज्ञान , धर्म , दर्शन और अध्यात्म सभी चीज़ सम्मिलित हैं. भगवान श्रीकृष्ण को सबसे रहस्यमयी व्यक्तित्व माना जाता हैं. एक ऐसा ही रहस्य आज हम आपको बताने जा रहे है. जैसा कि आपको पता है श्रीकृष्ण को जन्म माता देवकी ने दिया था और उनका पालन पोषण माता यशोदा ने किया था. लेकिन इनके अलावा भी श्रीकृष्ण की माताएं थी. आइये जानते है इस रहस्य को---

1.देवकी 

यह श्रीकृष्ण की सगी माता है। यह मथुरा के राजा कंस के पिता महाराजा उग्रसेन के भाई देवक की कन्या है। इनको अदिति का अवतार भी माना जाता है। इनका विवाह वसुदेव से हुआ। इसलिए श्रीकृष्ण के देवकीनंदन और वासुदेव भी कहते हैं।

2.रोहिणी 

वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी बलराम, एकांगा और सुभद्रा की माता थीं। उन्होंने देवकी के सातवें गर्भ को ग्रहण कर लिया था और उसी से बलराम की उत्पत्ति हुई थी। ये यशोदा माता के यहां रहती थीं। भगवान् श्री कृष्ण की परदादी 'मारिषा' व सौतेली मां रोहिणी 'नाग' जनजाति की थीं।

3.यशोदा 

माता यशोदा भगवान श्रीकृष्ण की न तो सगी माता और न ही सौतेली माता थीं। उन्होंने ही भगवान श्रीकृष्ण का लालन पालन किया था इसलिए वह सगी और सौतेली माता से भी बढ़कर थीं। नंद की पत्नी यशोदा के पिता का नाम सुसुख और माता का नाम पाटला था।

4.अन्य माताएं 

श्री कृष्‍ण के पिता वसुदेव की और भी पत्नियां थीं। जैसे पौरवी, भद्रा, मदिरा, रोचना और इला आदि। ये सभी भगवान श्रीकृष्‍ण की सौतेली माताएं थी।