पाकिस्तान का वो फेमस मंदिर जिसको कहा जाता है शिव नेत्र

पाकिस्तान का वो फेमस मंदिर जिसको कहा जाता है शिव नेत्र

हिन्दू धर्म में भगवान शिव के कई मंदिर है, लेकिन भगवान शिव का ये अद्भुत मंदिर पाकिस्तान में स्थित है. इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान शिव का नेत्र है. इसको शिव नेत्र के नाम से भी जाना जाता हैं. यह मंदिर पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के चकवाल जिले में है और कटास राज मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण छठी शताब्दी से नवीं शताब्दी के मध्य करवाया गया था। कटासराज मंदिर पाकिस्तान के चकवाल गांव से लगभग 40 कि.मी. की दूरी पर कटस में एक पहाड़ी पर है।  

महाभारत के समय में भी था उपस्थित 

ऐसा माना जाता है कि यह मंदिर महाभारत के समय में भी उपस्थित था. इस मंदिर से जुड़ी पांडवों की कई कथाएं प्रसिद्ध हैं। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जब माता सती सतीत्व में जाती है तो भगवान शिव के आँख से दो आंसू गिरे थे उन्ही में से आंसू की एक बूंद यहां कटासराज मंदिर में गिरा था और दूसरा एक कुंड राजस्थान के पुष्कर नामक तीर्थ स्थल पर गिरा था. जब वो आंसू गिरा तो एक सरोवर बन गया जो आज भी मौजूद है. 

पांडव से जुडी कथा ये है कि पांडव अपने 13 वर्षों के वनवास के समय अंतिम के 1 वर्ष अज्ञातवास में काटने थे उसी समय पांडव इसी मंदिर की पहाड़ियों में रहे थे और एक बार जब पांडव को प्यास लगी तो वो पानी की खोज में इस सरोवर तक पहुंचे थे, तब इस सरोवर पर एक यक्ष का अधिकार था और जब नकुल पानी पीने पहुंचे तो उस यक्ष ने कहा कि इस पानी पर उसका अधिकार हैं. अगर तुम्हें पानी पीना है तो मेरे प्रश्न का जवाब देना होगा। जब यक्ष ने प्रश्न पूछा और नकुल उस प्रश्न का जवाब नहीं दे पाए और उसके बाद भी सरोवर का पानी पीने लगे तो यक्ष ने नकुल को बेहोश कर दिया। 

इसके बाद धीरे धीरे गए युधिषिठर को छोड़कर सभी पांडव यक्ष के प्रश्न का जवाब नहीं दे सके और यक्ष ने उन्हें बेहोश कर दिया। आखिर में सभी भाइयों को खोजते हुए युधिष्ठिर सरोवर के पास पहुंचे और यक्ष ने उनसे भी पुनः वहीं सवाल किये जिसका युधिष्ठिर ने सही जवाब दे दिया और यक्ष ने प्रश्न होकर सभी पांडव को जीवित कर दिया 

पाकिस्तान में है काफी फेमस 

भगवान शिव इस मदिर में दूर दूर से श्रदालु आते है. इस मंदिर की स्थिति आज के समय में काफी दयनीय है.