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शिव का प्रिय सावन 17 से, 22 को पहली सोमवारी

शिव का प्रिय सावन 17 से, 22 को पहली सोमवारी

शिव का प्रिय सावन 17 से, 22 को पहली सोमवारी

 

भगवान शिव का प्रिय मास सावन 17 जुलाई दिन बुधवार से आरंभ हो रहा है। 
सावन का महीना शुभ और विशेष संयोग के साथ 17 जुलाई से प्रारम्भ होकर 15 अगस्त को संपन्न होगा। 
ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में सोमवार को व्रत रखने और भगवान शंकर की पूजा करने वाले जातक को मनोवांछित जीवन साथी प्राप्त होता है और 
जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। विवाहित औरतें श्रावन का सोमवार व्रत रखती हैं तो उन्हें भगवान शंकर सौभाग्य का वरदान देते हैं।
 भगवान शिव को सावन का महीना प्रिय होने का कारण यह भी है कि भगवान शिव सावन के महीने में पृवी पर अवतरित होकर अपने ससुराल गए थे और 
 वहां उनका स्वागत अध्र्य और जलाभिषेक से किया गया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक वर्ष सावन में भगवान शिव अपनी ससुराल आते हैं। 
 भू-लोक वासियों के लिए शिव कृपा पाने का यह उत्तम समय होता है। मिलेगा सुखद वैवाहिक जीवन का वरदानपंडित झा के अनुसार इस वर्ष सावन खास है। क्
 योंकि 10 शुभ संयोगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। सावन इस बार 28 या 29 नहीं पूरे 30 दिनों का होगा। कृष्ण पक्ष में तृतीया तिथि दो दिन और शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा व द्वितीया तिथि एक ही दिन होने से इस बार सावन पूरे 30 दिनों का हो गया है। 
 ऐसे पुण्यफल संयोग में शिव की आराधना करने से खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होगा। 
 विशेषकर यह संयोग कुंवारे या जिनकी शादी में विलम्ब हो रहा है उन्हें भोले की पूजा विधिवत करने से मनोकामना पूर्ण होगा।श
 ्रवण नक्षत्र व प्रीति योग का बना उत्तम योगसावन का प्रारम्भ श्रवण नक्षत्र व प्रीति योग होने से बहुत ही उत्तम योग बन रहा है। 
 इस योग को सर्वार्थ सिद्धि योग के बराबर ही माना जाता है। श्रद्धालुओं को इस मास में शिव पूजन से विशेष पुण्य प्राप्ति होगी । स
 ावन शिव पूजन के साथ ओम नम: शिवाय का जाप, शिव पंचाक्षर, रुद्राष्टक, शिव चलीसा, आदि का पाठ करने से मनचाहा वरदान मिलता है।
 इन 10 शुभ संयोगों में मनेगा सावन ज्योतिषी झा के मुताबिक इस बार सावन पूरे 30 दिनों तक रहेगा। इस सावन में 4 सोमवार आएंगे। 
 इन चारों सोमवार में तीसरे सोमवार में त्रियोग का संयोग बन रहा है। सावन अमावस्या यानि हरियाली अमावस्या पर पूरे 125 वषों के बाद पंच महायोग का संयोग बन रहा है। 
 नाग पंचमी विशेष संयोग में मनाई जाएगी। इस बार नागपंचमी और सोमवार का बेहद कल्याणकारी संयोग एक साथ बन रहा है। नागपंचमी और सोमवार दोनों का ही दिन भगवान शिव की आराधना के लिए श्रेष्ठ होता है। 
 कई वर्षो के बाद 15 अगस्त और रक्षाबंधन का पर्व श्रवण नक्षत्र के संयोग में मनाया जाएगा। सावन के महीने का पहला दिन सूर्य के उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वज्र और विष कुंभ योग के साथ शुरू होगा। 
 ग्रह नक्षत्र के आधार पर इस बार सावन के महीने में देश के कई हिस्सों में बारिश रुक-रुककर होगी। 
 सावन मास के बीच में एक अगस्त को पहला सिद्धि योग, दूसरा शुभ योग, तीसरा गुरु पुष्यामृत योग, चौथा सर्वार्थ सिद्धि योग और पांचवां अमृत सिद्धि योग का संयोग है। इस दिन हरियाली अमावस्या है। 
 इस पंचयोग में पूजा करना शुभ और फलदायी माना गया है। नागपंचमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग और रवि योग के संयोग में काल सर्प दोष निवारण के लिए पूजा करना फलदायी होगा। 
 सावन के आखिरी दिन में पंचक शुरू हो रहा है। सावन के महीने में शुक्र ग्रह का अस्त हो जायेगा। जिसके चलते किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जा सकेगा।
 मिथिला में नवविवाहिता करेंगी मधुश्रावणी व्रतसुहागिन महिलायें इस माह में हरे रंग की साड़ियां एवं चूड़ी धारण करती हैं। सावन में हरा रंग का विशेष महत्व दिया गया है।
 मिथिला परंपरा के नव विवाहित स्त्रियां इस मास में पंचमी तिथि से मधुश्रावणी की पूजा आरम्भ करती हैं जो पूरे पंद्रह दिनों तक चलता है।
 
मेष राशि के जातकों को शिवजी को लाल चंदन व लाल रंग के फूल चढ़ाना चाहिए व नागेश्वराय नमरू का जाप करना शुभ फलदायी होगा।
उवृषभ राशि के जातकों को चमेली के फूल चढ़ाकर रुद्राष्टाकर का पाठ करने से आशातीत लाभ होगा। 
मिथुन राशि के जातक को शिवजी को धतूरा, भांग चढ़ाकर साथ में पंचाक्षरी मंत्र का जाप करने से लाभ होगा। 
 कर्क राशि के जातक शिवलिंग का भांग मिश्रित दूध से अभिषेक करें और रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करें, अत्यंत लाभ होगा। 
 सिंह राशि के जातक पूरे माह शिवजी को कनेर के लाल रंग फूल अर्पित करें तथा शिव मंदिर में शिव चालीसा का पाठ करें। 
 कन्या राशि के जातक शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि का श्रृंगार चढ़ाएं और पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें तो लाभ होगा। 
 तुला राशि के जातक मिश्री मिले दूध से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए शिव के सहस्रनाम का जाप करें। 
 वृश्चिक राशि के जातक भोलेनाथ को गुलाब का फूल व बिल्वपत्र की जड़ चढ़ाएं और नित्य रुद्राष्टक का पाठ करें। 
 धनु राशि के जातकों को चाहिए कि वे प्रातरू शिवजी के चरणों में पीले फूल अर्पित करें, प्रसाद के रूप में खीर का भोग लगाएं और शिवाष्टक का पाठ करें।
 मकर राशि के जातक शांति और समृद्धि के लिए शिवजी को धतूरा, फूल, भांग एवं अष्टगंध चढ़ाकर पार्वतीनाथाय नमरू का जाप करें। 
 कुंभ राशि के जातक शिवलिंग का गन्ने के रस से अभिषेक करें एवं शिवाष्टक का पाठ करें, आर्थिक लाभ मिलेगा। 
 मीन राशि के जातक शिवलिंग पर पंचामृत, दही, दूध व पीले फूल चढ़ाएं एवं चंदन की माला से 108 बार पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें, धन-धान्य में वृद्धि होगी।
 इस साल श्रावण मास में पड़ेंगे 4 सोमवार 17 जुलाई- श्रावण मास प्रारम्भ 
 22 जुलाई – सावन का पहला सोमवार व्रत 
 29 जुलाई – सावन का दूसरा सोमवार व्रत
 01 अगस्त – हरियाली अमावस्या
 03 अगस्त – हरियाली तीज 
 05 अगस्त-सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी 
 12 अगस्त – सावन का चौथा एवं अंतिम सोमवार व्रत 
 15 अगस्त – सावन माह का अंतिम दिन तथा पूर्णिमा, रक्षाबंधन