जो मनुष्य जीवन में सत्य के मार्ग पर चलता हैं, उसका सफ़र ईश्वर के पास आके ही समाप्त होता हैं.

जो मनुष्य जीवन में सत्य के मार्ग पर चलता हैं, उसका सफ़र ईश्वर के पास आके ही समाप्त होता हैं.

जो मनुष्य जीवन में सत्य के मार्ग पर चलता हैं, उसका सफ़र ईश्वर के पास आके ही समाप्त होता हैं.