“दुनिया वो किताब है जो कभी नहीं पढ़ी जा सकती.. लेकिन ज़माना वो उस्ताद है

“दुनिया वो किताब है जो कभी नहीं पढ़ी जा सकती.. लेकिन ज़माना वो उस्ताद है

“दुनिया वो किताब है जो कभी नहीं पढ़ी जा सकती.. लेकिन ज़माना वो उस्ताद है