विश्वास करो, मैंने तुम्हारे लिए वही ‘विधान’ किया, जो तुम्हारे लिए उचित था। मैंने आज तक जो कुछ किया तुम्हारे मंगल के लिए किया !

विश्वास करो, मैंने तुम्हारे लिए वही ‘विधान’ किया, जो तुम्हारे लिए उचित था। मैंने आज तक जो कुछ किया तुम्हारे मंगल के लिए किया !

विश्वास करो, मैंने तुम्हारे लिए वही ‘विधान’ किया, जो तुम्हारे लिए उचित था। मैंने आज तक जो कुछ किया तुम्हारे मंगल के लिए किया !