भगवान ने खुद कहा है की सदैव संदेह (सक करने वाले) करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और वह जहा जाता है दुःख पाता है.

भगवान ने खुद कहा है की सदैव संदेह (सक करने वाले) करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और वह जहा जाता है दुःख पाता है.

भगवान ने खुद कहा है की सदैव संदेह (सक करने वाले) करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और वह जहा जाता है दुःख पाता है.