मन-की-आँखों-से;-प्रभु-का-दीदार-करो

मन-की-आँखों-से;-प्रभु-का-दीदार-करो

मन की आँखों से;प्रभु का दीदार करो;दो पल का है अन्धेरा;बस सुबह का इन्तजार करो;

क्या रखा है;आपस के बैर में ए यारो; छोटी सी है ज़िंदगी बस, हर किसी से प्यार करो ।