जिस तरह लोग रौशनी के पास रहते है तथा दूर चले जाने पर भी रोशनी देना जारी रहता है तथा लोग अंधकार में चले जाते है जब लोग आग से दूर होना चाहते है तब भी अग्नि ताप देती रहती हैं. यह बात ईश्वर पर भी लागू होती हैं.

जिस तरह लोग रौशनी के पास रहते है तथा दूर चले जाने पर भी रोशनी देना जारी रहता है तथा लोग अंधकार में चले जाते है जब लोग आग से दूर होना चाहते है तब भी अग्नि ताप देती रहती हैं. यह बात ईश्वर पर भी लागू होती हैं.

जिस तरह लोग रौशनी के पास रहते है तथा दूर चले जाने पर भी रोशनी देना जारी रहता है तथा लोग अंधकार में चले जाते है जब लोग आग से दूर होना चाहते है तब भी अग्नि ताप देती रहती हैं. यह बात ईश्वर पर भी लागू होती हैं.