कर्म का अधिकार मनुष्य के पास है लेकिन फल ईश्वर देते हैं, इसलिए कर्म को सच्चे मन से करना चाहिए क्योकि मनुष्य के जीवन में उसके कर्मो का फल ही घटित होता हैं.

कर्म का अधिकार मनुष्य के पास है लेकिन फल ईश्वर देते हैं, इसलिए कर्म को सच्चे मन से करना चाहिए क्योकि मनुष्य के जीवन में उसके कर्मो का फल ही घटित होता हैं.

कर्म का अधिकार मनुष्य के पास है लेकिन फल ईश्वर देते हैं, इसलिए कर्म को सच्चे मन से करना चाहिए क्योकि मनुष्य के जीवन में उसके कर्मो का फल ही घटित होता हैं.