कोई व्यक्ति ईश्वर की भक्ति करने से इंकार करके, ईश्वर की महिमा को मिटा नहीं सकता जैसे कोई मूर्ख अपने कमरे की दिवार पर अँधेरा लिखकर सूरज को मंद नहीं कर सकता…

कोई व्यक्ति ईश्वर की भक्ति करने से इंकार करके, ईश्वर की महिमा को मिटा नहीं सकता जैसे कोई मूर्ख अपने कमरे की दिवार पर अँधेरा लिखकर सूरज को मंद नहीं कर सकता…

कोई व्यक्ति ईश्वर की भक्ति करने से इंकार करके, ईश्वर की महिमा को मिटा नहीं सकता जैसे कोई मूर्ख अपने कमरे की दिवार पर अँधेरा लिखकर सूरज को मंद नहीं कर सकता…