भगवान उस वृत की भांति है जिसका सेण्टर तो हर जगह है मगर उसकी कोई परिधि नही हैं.

भगवान उस वृत की भांति है जिसका सेण्टर तो हर जगह है मगर उसकी कोई परिधि नही हैं.

भगवान उस वृत की भांति है जिसका सेण्टर तो हर जगह है मगर उसकी कोई परिधि नही हैं.