जो ईश्वर की आराधना के साथ-साथ पुरूषार्थ करते हैं, उन के दुःख और दारिद्रय दूर होते हैं और ऐश्र्वर्य बढ़ता है।

जो ईश्वर की आराधना के साथ-साथ पुरूषार्थ करते हैं, उन के दुःख और दारिद्रय दूर होते हैं और ऐश्र्वर्य बढ़ता है।

जो ईश्वर की आराधना के साथ-साथ पुरूषार्थ करते हैं, उन के दुःख और दारिद्रय दूर होते हैं और ऐश्र्वर्य बढ़ता है।