माँ काली मंत्र

माँ काली मंत्र

22 अक्षरी श्री दक्षिण काली मंत्र 

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

भद्रकाली मंत्र 

ॐ ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा॥

श्री शमशान काली मंत्र 

ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं॥ 

एकाक्षरी काली मंत्र

ॐ क्रीं॥

तीन अक्षरी काली मंत्र 

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं॥

पांच अक्षरी काली मंत्र 

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्॥

षडाक्षरी काली मंत्र 

ॐ क्रीं कालिके स्वाहा॥

सप्ताक्षरी काली मंत्र 

ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा॥

श्री दक्षिणकाली मंत्र 

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥

क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणेकालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥

ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥

संकटो को दूर करने का मंत्र 

ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै:

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता, लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।

वामपादोल्लसल्लोहलता कण्टकभूषणा, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

मन चाहा वर प्राप्ति का मंत्र 

काली महाकाली कालिके परमेश्वरी । सर्वानन्दकरी देवी नारायणि नमोऽस्तुते ।।

ॐ क्रीं काल्यै नमः

मृत्यु के भय से बचने का मंत्र 

क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिण कालिके ! क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा

ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा