जाने चंद्र ग्रहण का महत्व , उसका और उससे जुडी मान्यताएं


जाने चंद्र ग्रहण का महत्व , उसका और उससे जुडी मान्यताएं

10 जनवरी को चंद्र ग्रहण लगेगा। लेकिन इस बार लोग चंद्र ग्रहण को लेकर लोग कंफ्यूज हैं कि इस चंद्र ग्रहण पर सूतक लगेंगे या नहीं। इस बार का चंद्र ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। पुराणों के अनुसार इसे माद्य ग्रहण कहते हैं। इस तरह के ग्रहण में चन्द्रमा पर ग्रहण नहीं लगता बल्कि इसका बिंब धुंधला हो जाता है। धार्मिक नजरिये से इस बार लगने वाला चंद्र ग्रहण दूसरे चंद्रग्रहण से कमजोर होगा। इसलिए ज्योतिषियों का कहना है कि भारत में इस ग्रहण का असर न के बराबर होगा। इस ग्रहण पर सूतक नहीं लगेंगे और मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं होंगो। धार्णिक जानकारों के अनुसार इस ग्रहण को ग्रहण की कोटि में नही रखा जाता है। पंचांग के अनुसार जो चंद्र ग्रहण नग्न आंखों से न दिखाई देता हो उसका सूतक नहीं माना जाता है, उपच्छाया चंद्र ग्रहण नंगी आंखों से न दिखाई देने से इसका प्रभाव नहीं माना जाएगा। 

चंद्रग्रहण 2020 का समय 

ग्रहण काल शुरू होने का समय : 10 जनवरी की रात 10:39 से

ग्रहण काल का मध्‍य : 12:39 

ग्रहण खत्म होने का समय : 2:40 

चंद्र ग्रहण से जुड़ी मान्यताएं

1. पुराणों के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.. 

2.ग्रहण के दौरान खाना खाने और पकाने को भी मना किया जाता है. 

3.मान्यता है कि ग्रहण के घर में बने खाने में तुसली की पत्तियां डालनी चाहिए इससे आप उसका दुबारा इस्तेमाल कर सकते हैं.

4.माना जाता है कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए हमेशा इस दौरान ईश्वर का ध्यान करना चाहिए.

5.मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए. 

6.ऐसा कहा जाता है कि जब भी चंद्र ग्रहण लगा हो, तो उस दौरान गर्भवती महिलाओं को सुई, चाकू, कैंची का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

7.चंद्र ग्रहण के बाद स्नान करने की भी मान्यता है.