शनिदेव की ये मुख्य विशेषताएं जानते है क्या आप ? अगर नहीं तो पढ़े

शनिदेव की ये मुख्य विशेषताएं जानते है क्या आप ? अगर नहीं तो पढ़े

शनिदेव सभी देवों में सबसे गुस्से वाले माने जाते हैं. इसी के साथ ही शनि देव को न्याय का देवता भी माना गया हैं.शनि ग्रह भी है और देवता भी इसलिए उनका प्रताप ऐसा है कि वो राजा को रैंक बना देते है और रंक को राजा बना देते हैं. लेकिन आप शनिदेव की ये विशेषताएं नहीं जानते होंगे। आइये जानते है क्या है शनिदेव की ये मुख्य विशेषताएं 

शनि देव की मुख्य विशेषताएं 

1. सूर्य पुत्र शनिदेव मृत्युलोक के ऐसे स्वामी है जो अधिपति भी हैं जो समय आने पर व्यक्ति के अच्छे बुरे काम के आधार पर सजा देकर उसको सुधरने के लिए प्रेरित करते हैं. 

2. शनिदेव के बारे में कहा  हैं कि शनि आधुनिक युग के न्यायाधीश हैं और न्याय हमेशा अप्रिय होता है इसलिए उसे क्रूर समझते हैं।

3.शनिदेव का काला रंग ही ऐसा रंग है, जिस पर दूजा रंग नहीं चढ़ता है।

4. शनि का धातु लौह-इस्पात है, जो सबसे अधिक उपयुक्त तथा शक्तिशाली है।

5.शनि की प्रिय वस्तुएं- तेल, कोयला, लौह, काला तिल, उड़द, जूता, चप्पल दान के रूप में प्रदान किया जाता है।

6.शनिदेव की स्थापना में- समय तथा श्रम का आंशिक दान सर्वोत्तम दान है।

7.श्री शनिदेव अध्यात्म के मालिक हैं, किसी भी आराधना, साधना, सिद्धि हेतु शनिदेव की उपासना परमावश्यक है।

8.श्री शनिदेव संगठन के मालिक हैं, अत: उनकी कृपा बिना संयुक्त परिवार की कल्पना ही असंभव है।

9.शनिदेव सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, प्रशासनिक, विद्या, व्यापार आदि में स्थापित ऊंचाई देने का कार्य करते हैं।

10.शनिदेव रोगमुक्ति तथा आयुवृद्धि की सदैव कामना करते हैं।

11.शनिदेव कलियुग के साक्षात भगवान हैं।

12.शनिदेव के अनेक नाम हैं तथा उनका कार्यक्षेत्र विस्तृत तथा विशाल है।

13.शनिदेव से राजा से लेकर रंक तक प्रभावित तथा डरे हुए रहते हैं।

14.शनिदेव नश्वर जगत के शाश्वत असाधारण देव है।

15.शनि का वाहन गिद्ध तथा रथ लोहे का बना हुआ है। (मत्स्यपुराण 127.8)

16.शनिदेव का आयुध- धनुष्य बाण और त्रिशूल है।