लाल  किताब के अनुसार नया घर लेते या बनवाते समय ध्यान रखें ये बात

लाल किताब के अनुसार नया घर लेते या बनवाते समय ध्यान रखें ये बात

जब हम घर बनवाते हैं या लेते समय आपको हम लोगों को वास्तु के साथ साथ लाल किताब की कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरुरी है. इससे आपको घर की दिशा, दशा और उसके आकार और उसके प्रकार के साथ स्थान जैसे लाल किताब में अच्छे से बताया गया हैं. ऐसा माना जाता हैं कि घर यदि वास्तु या लाल किताब के मुताबिक नहीं बनता है तो उसका नेगेटिव प्रभाव न केवल घर के मुखिया बल्कि घर के हर सदस्यों पर पड़ता हैं. घर की तरक्की, स्वास्थ्य और मनसिक स्थिति भी इससे प्रभावित होती है. 

नए घर लेने से पहले, जान लें लाल किताब के ये नियम

  1. लाल किताब के अनुसार दक्षिणमुखी घर कभी किसी को नहीं लेना चाहिए। यदि मकान दक्षिणमुखी है तो आप कोशिश करें कि घर के मुख्य द्वार का दरवाजा उत्तर या पूर्व में खुले।
  2. जब भी आप कोई मकान लेने जाते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि मकान के अगल-बगल यदि गली है तो वह बंद न हो। गली में खेती या बागवानी भी नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसा होगा तो इससे संतान के भविष्य पर असर पड़ता है। यदि गली बंद हो तो हर साल पांच किलो साबुत उड़द की दाल को बहती नदी में बहा दें।
  3. लाल किताब के अनुसार घर लेते समय यह ध्यान रखें कि मकान, नुक्कड़ या तीन तरफ से खुला न हो। ऐसे मकान धनहानी, परिवार में वैमनस्यता, क्लेश और आवारा औलाद का कारण बनता है।
  4. लाल किताब के अनुसार घर में सीढ़ियों की संख्या सम हो और उसके नीचे शौचालय न हो। शौचालय और बाथरूम अलग होने चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो इससे मकान में रहने वालों का विकास रुक जाता है।
  5. ऐसे मकान कभी न लें जिसमें या जिसके आस-पास कीकर, आम और खजूर के पेड़ हों। साथ ही जिस घर पर किसी भी पेड़ की छाया पड़ती हो। सुनसान इलाके, मदिरा या मांस-मछली की दुकान के पास मकान नहीं होना चाहिए। बबूल और कैक्टस जैसे झाड़ या पौधे लगे हुए घर भी न लें।