ज्योतिष और पुराणों के अनुसार इस पेड़ में छिपा है हर बीमारी का ईलाज

ज्योतिष और पुराणों के अनुसार इस पेड़ में छिपा है हर बीमारी का ईलाज

नीम का पेड़ कई फायदों से भरपूर होता है, कई बीमारियों में इसका फायदा होता है, नीम का पेड़ एक तरह से राम बाण सिद्ध होता हैं. हम आपको इससे जुड़े ज्योतिष और पुराणों में स्थित  इसके कुछ चमत्कारी फायदे बता रहे हैं. 

1.आप अपने घर की दक्षिण दिशा में नीम का एक पेड़ लगाएं और उसकी देखरेख करें जब तक की वह अच्छे से चेत नहीं जाता या बड़ा नहीं हो जाता है। यह पेड़ साक्षात मंगलदेव हैं। इस पेड़ की सेवा करने से आपके जीवन में कभी भी अमंगल नहीं होगा।

2.नीम का पेड़ लगाने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता है। जिस व्यक्ति को संकटों से मुक्ति पाना और निरोगी रहना हो उसे घर के दक्षिण में नीम का वृक्ष लगाना चाहिए। नीम के वृक्ष को वायव्य कोण में लगाना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

3.यदि आपका जन्म उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ है या आपकी राशि मकर या कुंभ राशि है तो नीम का पेड़ लगाने बहुत ही शुभफलदायी होगा।

4.घर के पास नीम का पेड़ लगाने से हनुमानजी की भी कृपा बनी रहती है।

5.ज्योतिष में कहीं कहीं नीम का संबंध शनि और कहीं कहीं केतु से जोड़ा गया है। इसलिए दोनों ही ग्रहों की शांति हेतु उचित दिशा में नीम का पेड़ लगाया जा सकता है।

अन्य फायदे 

देवी और शक्ति की उपासना में नीम का प्रयोग किया जाता है। नीम की लकड़ी से हवन करने से शनि की शांति होती है। इसके पत्तों को जल में डालकर स्नान करने से केतु संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। नीम की दातुन करने से शनि और मंगल दोष समाप्त होता है साथ ही दातों के किड़े भी मारे जाते हैं। नीम की लड़की के बने पलंग पर सोने से त्वचा रोग दूर होते हैं। नीम के तेल और छाल के प्रयोग से कुष्ठ रोग दूर होता है। नीम की लड़की की माला धारण करने से शनि की पीड़ा समाप्त हो जाती है। नीम के पत्तों का वन्दनवार लगाने से घर में नकारात्मक उर्जा प्रवेश नहीं करती है।